उरई। जालौन जिला सौर्य ऊर्जा का देश का सबसे बड़ा हब बनने जा रहा है। हाल ही में नेडा (अतिरिक्त ऊर्जा) विभाग के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने महेबा ब्लाक के गोरा गांव से माधौगढ़ तहसील तक यमुना पट्टी के किनारे लगभग डेढ़ हजार एकड़ क्षेत्र बड़े पैमाने पर सौर्य ऊर्जा उत्पादन के लिए उसे देने को चिन्हित किया है।
उल्लेखनीय है कि अभी भी जालौन जिले में बड़े पैमाने पर सोलर एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसमें कदौरा ब्लाक के परासन में सबसे बड़ा उत्पादन ग्रह स्थापित है। इसके बाद कोटरा क्षेत्र और रामपुरा ब्लाक के मई क्षेत्र में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। नेडा विभाग पहले किसानों से लीज पर इसके लिए जमीन ले रहा था जो उसक गणित में महंगी पड़ रही थी इसलिए विभाग ने अब सीधे जमीन खरीदने का प्रस्ताव बनाया है।
यमुना पट्टी पर प्रस्तावित सोलर एनर्जी सेंटर इन सबमें न केवल बड़ा अपितु अत्यंत विशाल होगा। महेबा ब्लाक में ही इसके लिए ट्रांसमीटर सेंटर स्थापित किया जायेगा। इस सोलर एनर्जी उत्पादन केन्द्र से देश के नक्शे पर जालौन जिला अपनी विशिष्ट पहचान के साथ अंकित हो जायेगा जो कि जिले के लिए अत्यंत गौरवशाली होगा।







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