उरई | आखिर वह दोस्त आज हमारा कहाँ गया,,
ज़िले की क्रियाशील साहित्यिक संस्था पहचान ने सिटी लाइफ स्कूल राजेन्द्र नगर में एक काव्य गोष्ठी आयोजित की जिसमें नगर के समाजसेवी अशोक होतवानी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए | काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता यज्ञदत्त त्रिपाठी जी ने की ,संचालन कार्यक्रम के आयोजक पहचान के अध्यक्ष शफीकुर्रहमान कशफी ने किया | शुरुआत मिर्ज़ा साबिर बेग की नाते- पाक और वरिष्ठ गीतकार विनोद गौतम की सरस्वती वंदना से हुई | इसी दौरान उनके साथ आखिर समय रहे सुरेश तचल होतवानी जी के बड़े भाई ने उनको याद करते हुए कहा जो भी उनके साथ रहकर सीखा है और जो उनकी इच्छाएं थी उन्हें हर सम्भव पूरा करने की कोशिश करूँगा| वो एक नेक दिल इंसान थे |
काव्यगोष्ठी में शिवा दीक्षित ने पढ़ा,तुम बिन मौन हैं सब प्रार्थनाएं,हृदय की नीरवता बस चीखती है,,
फ़राज़ ने पढ़ा,शिकवा दुआ कुबूल न होने का किस लिए,लुकमा कभी हलाल का खाना तो है नहीं,,परवेज़ अख़्तर ने पढ़ा,गर उरूज पाना सर नुगूं रखो अख्तर,क़द बड़ा नहीं होता एड़ियाँ उठाने से,,पुष्पेंद्र पुष्प ने पढ़ा,तुम्हीं तक था मेरा संसार मेरा,तुम्हारे बाद कुछ सोचा नहीं है,,शिखा गर्ग ने सुनाया,हो गया उनके बिना सूना सा ये सारा चमन,रह गई अवाक धरती रो रहा देखो गगन,, असरार अहमद मुक़री ने पढ़ा,अनपढ़ गंवार सारे हुकूमत में आ गए, मैं डिग्रियां ही मुक़री दिखाने में रह गया,,प्रिया श्रीवास्तव दिव्यम ने सुनाया ज़िन्दगी की यही कहानी है,प्यार और दर्द की रवानी है,फरीद बशर ने पढ़ा,जान देकर खरीद पाए हैं,लोग कहते हैं मौत सस्ती है,,राघवेन्द्र कनकने ने पढ़ा,तेरी यादों का ये जहां लेकर,खुद को जाएं हम कहाँ लेकर,कवि कृपाराम कृपालु ने पढ़ा,बैठ किनारे सड़क के बेमतलब हंसता हूँ मैं,
आओ खरीद लो किस कदर सस्ता हूँ मैं,,वरिष्ठ कवियित्री माया सिंह ने पढ़ा,देकर दिलों को दर्द अचानक चले गए, करके हवाएं सर्द अचानक चले गए,,सिद्धार्थ ने पढ़ा,यह कैसी पहचान गोष्ठी जिसमें आए अशोक नहीं हैं,इसी लिए सब द्रवित हो रहे सबके मन में शोक यही है,,सुरेशचन्द्र त्रिपाठी ने पढ़ा,नाम सार्थक कर गए आप अपना अये अशोक,,वरिष्ठ गीतकार विनोद गौतम जी ने पढ़ा,मृत्यु को अतिशय निकट से देख कर पहचान लेना,क्या कहूँ कितना कठिन है क्या कहूँ कितना सरल है,,कार्यक्रम के अध्यक्ष यज्ञदत्त त्रिपाठी ने उद्बोधन के साथ पढा,हम जाति पाँत के घेरे में घेरें न स्वयं को औरों को,सब धर्मों का सम्मान करें पूजें पूजा के ठौरों को,,इनके अलावा वरिष्ठ कवि प्रेम नरायन दीक्षित, अभिषेक सरल,प्रियंका शर्मा, अजय सर, दिव्यांशु दिव्य,गोपाल आदि लोगों ने भी काव्यपाठ किया |








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