रामपुर –उरई | इन्डियन बैंक की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के मगरूर रवैये के कारण ग्राहक परेशान हैं और पात्र होते हुए भी तमाम गरीब खातेदारों को शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए दांतों तले लोहे के चने चबाने पड़ रहे हैं |

ताजा प्रसंग में ग्राम टीहर निवासिनी अल्हा शहीदन ने उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पात्र में आरोप लगाया कि बैंक के शाखा प्रबंधक उसके आधार कार्ड को खाते से लिंक नहीं कर रहे हैं जबकि वह लगभग 10 बार कार्ड की छाया प्रति उन्हें दे चुकी है | इस आवश्यक प्रक्रिया में रुकावट के कारण उसे मंजूर हो चुकी आवासीय सहायता की धनराशि की निकासी नहीं हो पा रही | गणमान्य लोग इस मामले में बैंक प्रबंधक से आग्रह करने गए तो वे उलझाने पर उतारू हो गए और अभद्रता पर उतारू हो गए | बैंक प्रबंधक के इस व्यवहार से किसी दिन शान्ति व्यवस्था की समस्या का अंदेशा है | लोगों ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से ऐसे शाखा प्रबंधक की सद्बुद्धि के लिए इसका स्थानान्तरण नागालैंड जैसे किसी पूर्वोत्तर के राज्य में करने की मांग की है |  

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