रामपुरा-उरई। क्षेत्र के ग्रामों में आवारा मवेशियों के कहर से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गये हैं और प्रशासन इसके बावजूद गहरी नींद में सोया हुआ है।
क्षेत्र में शेखपुर अहीर, बहादुरपुर, मकटौरा, निनावली कोठी, हुसेपुरा सुरई और रमानीपुर के मौजा मिले हुए हैं जहां लगभग पांच दर्जन गायों का झुंड सितम ढ़ाये हुए है। सारी रात किसान खेतों में मचान बनाकर फसलों की रखवाली करते हैं फिर भी उनका पुर्साहाल नहीं है।
मकटौरा की यशोदानंदन का आठ बीघा, हुसेपुरा के वीरेन्द्र सिंह यादव और लल्लू यादव का निनावली मौजे में एक-एक बीघा, बहादुरपुर मौजे में हरनारायण कठेरिया का एक बीघा, छुन्नाबाबू प्रजापति का रमानीपुर मौजे में एक बीघा और अशोक कुमार द्विवेदी का डेढ़ बीघा खेत गायों ने चरकर चैपट कर दिया जिससे उक्त किसान बुर सदमें में हैं।
ध्यान रहे कि न तो बहादुरपुर मौजे में और न ही हुसेपुरा ग्राम सभा में कोई गौशाला है। किसान अपनी बर्बादी का तमाशा अपनी आंखों से देखकर खून के आंसू रो रहे हैं लेकिन अधिकारियों को उनकी कोई परवाह नहीं है। उनकी उदासीनता किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। किसानों ने जनप्रिय मुख्यमंत्री से उनकी आर्तनाद पर दया दिखाने की अपील की है।







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