जालौन –उरई | पर उपदेश कुशल बहुतेरे ….यह कहावत पानी से जुड़े महकमे पर पूरी तरह लागू होती है | सरकार पानी की बर्बादी रोकने के लिए नसीहत देती रहती है और इसके लिए बजट खर्च करके जागरूकता गोष्ठियां कराती है लेकिन अपनी ही महकमे के अभियंताओं की करतूत पर आँखे मूंदे रहती है |

  इसकी मिसाल है नगर में लीकेजों की समय पर मरम्मत न कराये जाने से हजारों लीटर शुद्ध जल की बर्बादी का तमाशा जल संस्थान द्वारा देखा जाना और हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना | नगर के मोहल्ला तोपखाना में निसार अहमद के मकान के पास जलसंस्थान की पेयजल आपूर्ति के लिए लाइन बिछी हुई है। उक्त पाइप लाइन करीब एक माह से लीकेज है। लीकेज पाइप लाइन से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होकर सड़क पर बह रहा है। इतना ही नहीं लीकेज पाइप लाइन होने के चलते घरों में भी दूषित पानी पहुंच रहा है। मोहल्ले के अकरम शाह, विनोद कुमार, पुष्पेंद्र आदि ने बताया कि उक्त लीकेज पाइप लाइन को दुरूस्त कराने के लिए वह कई बार जल संस्थान में शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अभी तक पाइप लाइन दुरूस्त नहीं की जा सकी है। एक ओर जहां सरकार जल संरक्षण पर जोर दे रही है। तो दूसरी ओर जल संस्थान पानी की बर्बादी को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। मोहल्ले के लोगों ने आला अधिकारियों से लीकेज पाइप लाइन को दुरूस्त कराने की मांग की है।

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