उरई। पानी से होने वाली बीमारियों पर रोक के लिये इसमें प्रदूषण का पता लगाकर उपचारित शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यूनोप्स द्वारा गांव गांव में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांव की महिलाओं और पुरूषों को पानी के परीक्षण की विधि में ट्रेण्ड करने का काम जारी है।
इसी कडी में शनिवार को ग्राम परोसा में जल परीक्षण प्रशिक्षण शिविर लगाया गया जिसमें पेयजल में आयरन , फ्लोराइड , क्लोराइड आदि की उपयोगिता और अनुपात के बारे में लोगों को अवगत कराया गया । बताया गया कि अगर जल श्रोतों में बैक्टेरिया आदि का पता चलता है तो पानी को उपचारित करने के लिये ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया जाना चाहिये। प्रशिक्षण में यूनोप्स के जिला सलाहकार देवेन्द्र गांधी ने आगाह किया कि खराब पानी से बचा जाना चाहिये क्योंकि इसके पीने से हाथी पांव , दस्त , उल्टी, हैज, पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियां पनपती है।
जल परीक्षण एवं इसके उपचार की विधियांें का लोगों में हृदयंगम कराने के लिये प्रश्नोत्तरी , गीत, भाषण आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सहारा लिया गया जिनमें अनुसुइया, राज, सुनाक्षी , अभिमन्यु , नरेन्द्र, कोमल ने प्रतिभाग किया। ग्राम प्रधान श्रीराम कुशवाहा ने जल जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी । इस दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पे्रमलता , शिक्षक नवनीत निरंजन , विजय तिवारी , भगवती , सुमन अवधेश, गुलाबरानी , कैलाशरानी , बृजरानी, कमला , इन्द्राणी , प्रबल प्रताप सिंह, विनय कुमार यादव , प्रतिमा , सारिका , नीना, स्वामीदीन, मवई के ग्राम प्रधान भूपेन्द्र यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।








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