जालौन-उरई । गो वंश के बाद बकरियों पर भी एक खतरनाक महामारी का साया मंडराने लगा है |
कुछ महीनों से मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज बीमारी फैली हुई। बीमारी के चलते अन्ना व पालतू गो वंश की तड़ातड़ मौत हो रही थी। पशु पालक परेशान थे। पशुपालन विभाग व पशु पालकों की मेहनत व टीकाकरण होने के कारण बीमारी नियंत्रण में आ गई। बड़े जानवरों के बाद अब बकरियों में बीमारी फैल गई है। बकरियों में मुंह के आसपास पहले छाले व सूजन आती है। इसके चलते बकरियों का खाना बंद हो जाता है। खाना बंद होने के बाद उनकी मौत हो जाती है। ग्राम अकोढ़ी दुबे में इस बीमारी के चलते लगभग 200 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई। लगातार हो रही है बकरियों की मौत के चलते पशु पालक परेशान हैं। बकरियों की मौत के चलते उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। ग्रामीण भगवान दास कुशवाहा की 3, मान सिंह कुशवाहा की 6, नरेश कुशवाहा की 4, धीरेंद्र पाल की 17, रामशंकर की 13, घंसौली प्रजापति की 11 बकरियों समेत कई पशु पालकों की बकरियों की मौत हो गई। बकरियों की लगातार हो रही है मौत के बाद ग्रामीण गांव में शिविर लगाकर बकरियों के स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार कराने की मांग कर रहे हैं । हालांकि मांग के बाद भी अभी तक गांव में पशु पालन विभाग द्वारा कोई टीम नहीं भेजी गई है।







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