उरई। मूल रूप से जालौन जिले के जगम्मनपुर निवासी और वर्तमान समय में देश की राजधानी दिल्ली को मुकाम बनाये वैज्ञानिक चेतना के धनी युवा उद्यमी शैलेन्द्र सिंह चैहान ने नये आविष्कार के तहत ईको फे्रन्डली आरो सिस्टम बनाया है जिसमें बिना बिजली का उपयोग किये हुये पानी को परिशोधित करने की क्षमता है। इस आरो में पानी का खर्च भी जीरो प्रतिशत है। शैलेन्द्र को इसके लिये जिम्मेदारों से भरपूर सराहना और प्रोत्साहन मिल रहा है।
मानव जीव जन्तु अपराध नियंत्रण के माध्यम से अछूते क्षेत्र में अभिनव प्रयास के लिये पिछले कुछ समय से शैलेन्द्र सुर्खियों में हैं । अब नयी तरह के आरो के नवोन्मेष से वे प्रसिद्धि की एक और ऊंची मंजिल पर पहुंच गये । इसके लिये नीति आयोग के विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी अनुभाग ने उनके आविष्कार को संज्ञान में लेकर उन्हें इसे और बढाने के लिये आर्थिक सहायता मंजूर करने की संस्तुति की है।
इसके पहले बाबा रामदेव भी उनके आरो माॅडल का अवलोकन कर उसे समाज और देश के लिये अत्यन्त लाभदायक बता चुके हैं। केन्द्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा भी उनके माॅडल का प्रदर्शन देखकर अभिभूत हुये और उन पर यह कहते हुये गर्व जताया कि मुझे गर्व है कि आप जालौन जिले की माटी के सपूत हैं जो मेरा भी गृह जनपद है।








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