उरई | जालौन की साइबर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी के रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 6 मोबाइल फोन, 20 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 3 पासबुक, 2 चेकबुक और 9,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने साइबर थाने में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरोह लोटस डॉट कॉम, महादेव डॉट कॉम जैसी वेबसाइटों के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहा था। गिरफ्तार अभियुक्तों में साहिल कुमार उर्फ सोनू पांचाल (पुत्र बृजमोहन, उमरारखेड़ा, उरई), सोहेल मंसूरी उर्फ नसीम अहमद (उमरारखेड़ा, उरई), नौसाद (पुत्र मोहर खान, बिजौली, झांसी), और पुष्पेंद्र सिंह उर्फ छोटू (पुत्र मानसिंह, उमरारखेड़ा, उरई) शामिल हैं। इन्हें इकलासपुरा के चुरखी बाईपास पुलिया के पास से पकड़ा गया।
यह कार्रवाई उमरारखेड़ा निवासी सत्येंद्र प्रताप सिंह की शिकायत पर शुरू हुई, जिन्होंने लोन दिलाने के नाम पर बैंक खातों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की बात कही थी। साइबर थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें से चार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे व्हाट्सएप के जरिए लोगों को सट्टेबाजी के लिए उकसाते थे और फर्जी खातों में पैसे जमा करवाकर ठगी करते थे।
एसपी ने बताया कि तीन अन्य संदिग्ध—अभय विश्वकर्मा, हेमंत राजपूत, और देवेंद्र राजपूत (सभी झांसी निवासी)—फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार मौर्य, निरीक्षक नरेंद्र कुमार राठौर, निरीक्षक मोहम्मद आरिफ, एसआई ज्ञानेंद्र सिंह, कांस्टेबल अरियंत दुबे और कांस्टेबल आलोक मिश्रा की टीम शामिल रही। अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।








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