उरई। जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड डकोर के ग्राम पिया निरंजनपुर स्थित बृहद गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि चरही में प्रतिदिन शीतल एवं साफ पानी भरा जाए, ताकि गर्मी के मौसम में पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही उन्होंने गौशाला परिसर में 5 एकड़ क्षेत्र में की गई हरे चारे की बुवाई का अवलोकन किया और गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बढ़ती गर्मी को देखते हुए डीएम ने अतिरिक्त शेड निर्माण कराने के भी निर्देश दिए, जिससे गोवंशों को तेज धूप से राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान भूसा, चना-चोकर एवं अन्य पशु आहार का पर्याप्त भंडारण पाया गया, जिस पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने इसकी निरंतर उपलब्धता बनाए रखने को कहा। उन्होंने स्वयं गोवंशों को गुड़ खिलाकर उनकी स्थिति का भी आकलन किया और व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता को परखा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं का संचालन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जनपद जालौन, 27 अप्रैल 2026 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ। उरई.जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशात्मक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, इंजेक्शन कक्ष, वार्डों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि इंजेक्शन कक्ष में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी हो रही थी। इस पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समयबद्ध और सुचारु उपचार मिल सके।भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में व्यापक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आरईएस के अभियंता को ओपीडी के बाहर शेड बनाकर कूलर लगाने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों और तीमारदारों को लू से राहत मिल सके। इसके साथ ही परिसर में दो अतिरिक्त वाटर कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सभी को स्वच्छ व शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके। वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में दो-दो एसी एक सप्ताह के भीतर स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया। इसी दौरान वार्ड में भर्ती कक्षा 8 की छात्रा नव्या से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि उसे दस्त और उल्टी की समस्या थी। जिलाधिकारी ने तत्काल चिकित्सकों को निर्देशित किया कि बच्ची का समुचित और बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा उसकी हर आवश्यक सुविधा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान एक भावनात्मक क्षण भी सामने आया, जब छात्रा नव्या ने जिलाधिकारी को पहचानते हुए बताया कि वे उसके विद्यालय निरीक्षण के दौरान आए थे। इस पर जिलाधिकारी ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालय की बाउंड्री व मैदान के समतलीकरण के कार्य स्वीकृत कर दिए गए हैं और शीघ्र ही पूर्ण कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, सीएमएस आंनद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्ती—व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
समाचार:
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी, इंजेक्शन कक्ष और वार्डों की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। ओपीडी में इंजेक्शन कक्ष पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों की लंबी कतार देख उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ओपीडी के बाहर शेड बनवाकर कूलर लगाने, साथ ही दो अतिरिक्त वाटर कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को लू से राहत मिल सके।
वार्डों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक वार्ड में एक सप्ताह के भीतर दो-दो एसी लगाने के निर्देश देते हुए उन्होंने सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों और तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। इसी दौरान वार्ड में भर्ती कक्षा 8 की छात्रा नव्या से बातचीत कर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने दस्त और उल्टी की शिकायत बताई, जिस पर डीएम ने चिकित्सकों को उसके समुचित उपचार के निर्देश दिए।
इस दौरान एक भावनात्मक पल भी देखने को मिला, जब छात्रा ने डीएम को पहचानते हुए बताया कि वे उसके विद्यालय में निरीक्षण के दौरान आ चुके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने उसे आश्वस्त किया कि विद्यालय की बाउंड्री और मैदान के समतलीकरण का कार्य स्वीकृत हो चुका है और जल्द पूरा कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज, स्वच्छ वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनपद जालौन, 27 अप्रैल 2026 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ। उरई जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई के दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित व समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जन सुनवाई के दौरान प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का प्रभावी उदाहरण देखने को मिला, जहां कई मामलों में तत्काल समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत को औपचारिकता न मानकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की असली कसौटी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी। जन सुनवाई में आए फरियादियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं—भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, पेंशन, आवास, चिकित्सा सहायता सहित अन्य विषयों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कई मामलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित कराया, जिससे लोगों के चेहरे पर संतोष और विश्वास झलकता नजर आया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जो प्रकरण तत्काल निस्तारित नहीं हो सकते, उनका भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ता को प्रगति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई केवल शिकायत सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन के विश्वास को मजबूत करने का सशक्त मंच है। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जन सुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सुशासन की भावना को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
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जनसुनवाई में डीएम ने सुनी फरियादियों की समस्याएं, कई मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण
समाचार:
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान कई मामलों में तत्काल निस्तारण कर लोगों को राहत प्रदान की गई, जिससे प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का प्रभावी उदाहरण सामने आया।
जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, पेंशन, आवास और चिकित्सा सहायता जैसी विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की असली कसौटी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई मामलों में जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देशित कर त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया, जिससे फरियादियों के चेहरों पर संतोष और विश्वास झलकता नजर आया।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जो प्रकरण तत्काल हल नहीं हो सकते, उनका भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए और संबंधित शिकायतकर्ता को उसकी प्रगति की जानकारी दी जाती रहे।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन के विश्वास को मजबूत करने का एक सशक्त मंच है। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सुशासन की भावना को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।








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