जिला अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्ती—व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश


उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी, इंजेक्शन कक्ष और वार्डों की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। ओपीडी में इंजेक्शन कक्ष पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों की लंबी कतार देख उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ओपीडी के बाहर शेड बनवाकर कूलर लगाने, साथ ही दो अतिरिक्त वाटर कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को लू से राहत मिल सके।

वार्डों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक वार्ड में एक सप्ताह के भीतर दो-दो एसी लगाने के निर्देश देते हुए उन्होंने सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों और तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। इसी दौरान वार्ड में भर्ती कक्षा 8 की छात्रा नव्या से बातचीत कर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने दस्त और उल्टी की शिकायत बताई, जिस पर डीएम ने चिकित्सकों को उसके समुचित उपचार के निर्देश दिए।

इस दौरान एक भावनात्मक पल भी देखने को मिला, जब छात्रा ने डीएम को पहचानते हुए बताया कि वे उसके विद्यालय में निरीक्षण के दौरान आ चुके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने उसे आश्वस्त किया कि विद्यालय की बाउंड्री और मैदान के समतलीकरण का कार्य स्वीकृत हो चुका है और जल्द पूरा कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज, स्वच्छ वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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