उरई। आटा थाना क्षेत्र के ग्राम सधारा में रविवार रात करीब नौ बजे पुरानी रंजिश को लेकर गांव के बुद्ध सिंह और मोहर सिंह के परिवारों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने की सूचना पर पीआरवी टीम के साथ आटा थाने के दरोगा विश्वनाथ सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि पीआरवी में तैनात आरक्षी पंकज शर्मा शराब के नशे में था। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार आरक्षी ने पीड़ित पक्ष से अभद्र लहजे में कहा कि यदि न्याय चाहिए तो सीधे पुलिस अधीक्षक के बंगले चले जाएं। वहीं दरोगा विश्वनाथ सिंह ने भी मामले में किसी ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया, जिससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया।

रात में ही किसी ग्रामीण द्वारा पूरे घटनाक्रम की सूचना पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने आटा थाना प्रभारी अजय सिंह को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने दरोगा विश्वनाथ सिंह और आरक्षी पंकज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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