पचनदा धाम बनेगा देश का पहला ‘जल मंदिर’, नदी संरक्षण का बनेगा राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र : स्वतंत्र देव सिंह

उरई। पचनदा धाम में परमार्थ समाज सेवी संस्थान द्वारा आयोजित पाँच पवित्र नदियों—यमुना, चंबल, सिंध, पहूज एवं कुंवारी—की मूर्तियों के प्रतिष्ठापना एवं अनावरण समारोह तथा नदी सम्मेलन में जल संरक्षण और नदी संस्कृति को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पचनदा धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश में जल संरक्षण, नदी संस्कृति और जनभागीदारी का प्रेरणास्रोत बनेगा।

उन्होंने कहा कि पाँच पवित्र नदियों की मूर्तियों की प्रतिष्ठापना के साथ पचनदा धाम देश का अपनी तरह का पहला “जल मंदिर” बनकर उभरेगा। जिस प्रकार विभिन्न धार्मिक स्थलों का अपना विशेष महत्व है, उसी प्रकार यह स्थल जल, प्रकृति और नदियों के प्रति लोगों की आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण के भाव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को जल संरक्षण का संदेश देने के साथ नदी संस्कृति को भी नई पहचान प्रदान करेगी।

नदी सम्मेलन के दौरान परमार्थ समाज सेवी संस्थान के संस्थापक डॉ. संजय सिंह ने यमुना नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने, मानस भवन के निर्माण, रिटेनिंग वॉल के निर्माण तथा यमुना तट पर जल संरक्षण एवं जल संचयन संरचनाओं के विकास का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से यमुना तट सुरक्षित होगा, कटान पर नियंत्रण मिलेगा तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित हो सकेंगी।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इन प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यमुना नदी के संरक्षण और पचनदा धाम के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यमुना तट से अतिक्रमण हटाकर उसे स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाएगा। साथ ही मानस भवन, रिटेनिंग वॉल तथा जल संरक्षण से जुड़ी अन्य संरचनाओं के निर्माण की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जाएगी।

कार्यक्रम में कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष अजीत सिंह बेरा, समाजसेवी शीतल सिंह सेंगर, जिलाधिकारी राजेश पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, संत-महात्मा, जल सहेलियाँ, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर भव्य यमुना महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने नदियों को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि परमार्थ समाज सेवी संस्थान द्वारा संचालित अविरल-निर्मल यमुना यात्रा, जो 29 जनवरी 2026 को पचनदा धाम से प्रारंभ होकर 26 फरवरी 2026 को दिल्ली के वासुदेव घाट पर संपन्न हुई थी, अब पचनदा धाम के “जल मंदिर” की अवधारणा के माध्यम से नदी संरक्षण के जनआंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी।

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