कोतवाली उरई पुलिस व मॉनीटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी रंग लाई, अदालत ने लगाया अर्थदंड भी

उरई। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन में मॉनीटरिंग सेल जनपद जालौन एवं कोतवाली उरई पुलिस की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय, उरई ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के कारावास एवं ₹7,500-₹7,500 के अर्थदंड से दंडित किया है।

दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में रमनदीप सिंह उर्फ सन्नी पुत्र ब्रजेन्द्र सिंह, निवासी द्वारिका, नई दिल्ली तथा करूणेश शर्मा पुत्र विरेन्द्र शर्मा, निवासी ओल्ड माधौनगर, सहारनपुर शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध वर्ष 2015 में कोतवाली उरई में मु.अ.सं. 2002/15 के तहत धारा 420, 467, 468 एवं 471 भारतीय दंड संहिता में मुकदमा दर्ज किया गया था।

ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत मॉनीटरिंग सेल एवं कोतवाली उरई पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी किए जाने के बाद सीजेएम कोर्ट, उरई ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के कारावास तथा ₹7,500-₹7,500 के अर्थदंड की सजा सुनाई।

मामले में शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार ने प्रभावी पैरवी की। वहीं पुलिस विभाग की ओर से प्रभारी निरीक्षक मॉनीटरिंग सेल परमहंस तिवारीउपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह (कोर्ट मुहर्रिर) एवं कोर्ट पैरोकार विजय राज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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