प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, साहित्यकारों ने हिंदी की संभावनाओं पर रखे विचार
उरई। बीकेडी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपने लगाव और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदी की उपयोगिता, वर्तमान समय में उसकी भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार रखे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा श्रीखंडे तथा उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, जनपद जालौन के जिला संयोजक एवं केंद्रीय प्रचार सचिव शफीकुर्रहमान कशफ़ी, जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सिद्धार्थ त्रिपाठी और जिला प्रचार सचिव दिव्यांशु गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालय में काव्य पाठ, निबंध लेखन, स्लोगन, चित्रकला, कहानी लेखन और कविता लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने इनमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा दस की छात्रा मोनिका ने हिंदी भाषा पर आधारित भावपूर्ण कविताओं का काव्य पाठ प्रस्तुत कर खूब सराहना प्राप्त की।
‘वर्तमान परिवेश में हिंदी भाषा का महत्व’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त किया। वहीं स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और कल्पना के माध्यम से हिंदी के प्रति अपनी भावनाओं को कागज पर उकेरा। कहानी और कविता लेखन प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने अपनी लेखन प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शफीकुर्रहमान कशफ़ी ने हिंदी भाषा की व्यापकता और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते समय के साथ हिंदी के सामने नई संभावनाएं भी पैदा हो रही हैं। सिद्धार्थ त्रिपाठी और दिव्यांशु गुप्ता ‘दिव्य’ ने भी विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन और रचनात्मक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
शफीकुर्रहमान कशफ़ी ने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट छात्र-छात्रा को उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी सम्मानित कराने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा श्रीखंडे ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा होने के साथ हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने और अपनी भाषा के प्रति गौरव का भाव रखने की जरूरत है।
विद्यालय की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. अनुज भदौरिया ने किया।
इस अवसर पर दीपक जतारिया, दिग्विजय सिंह, ऋग्वेद गुबरेले, अतुल गुप्ता, अंकिता आनंद सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।






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