विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, सोनेपुरा में निकाली रैली; साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने का संदेश

रामपुरा (जालौन)। हाथों की स्वच्छता कई संक्रामक बीमारियों से बचाव का सरल और प्रभावी उपाय है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जल सहेलियों ने विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के अवसर पर परियोजना क्षेत्र के विद्यालयों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हानुपरा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टीहर में बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके और इसके सात चरणों की जानकारी दी गई। वहीं, ग्राम सोनेपुरा में जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों को बताया गया कि नियमित रूप से साबुन और स्वच्छ पानी से हाथ धोने पर कई बीमारियों के संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। उन्हें भोजन करने से पहले, शौच के बाद और गंदगी के संपर्क में आने पर हाथ धोने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। जल सहेलियों ने हाथ धोने की सही प्रक्रिया समझाते हुए स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

ग्राम सोनेपुरा में निकाली गई जागरूकता रैली में जल सहेलियों ने ‘हाथ धो, हाथ धो, सबसे पहले हाथ धो’ और ‘खाने के पहले हाथ धो, शौच के बाद हाथ धो’ जैसे नारों के जरिए ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। रैली के माध्यम से लोगों को व्यक्तिगत साफ-सफाई रखने और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जिला समन्वयक शिवमंगल सिंह ने कहा कि हाथों की स्वच्छता स्वस्थ जीवन की बुनियाद है। साबुन और स्वच्छ पानी से नियमित रूप से हाथ धोने की आदत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव में मददगार है। बच्चों में स्वच्छता की अच्छी आदतें विकसित करना जरूरी है, ताकि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकें।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके अपनाने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।

वहीं, एक जल सहेली ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति को सही समय पर साबुन से हाथ धोने और स्वच्छता के नियमों का पालन करने की आदत अपनानी चाहिए।

कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

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